यूपी के गाजीपुर में पथराव में हुई एक पुलिस कांस्टेबल की मौत के मामले में रविवार को पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. इस मामले में सीओ सिटी महिपाल पाठक ने बताया कि 32 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है जबकि 100 से ऊपर अज्ञात के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है. वहीं एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने बताया है कि अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. घटना के बाद पुलिस ने 22 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस ने ये कार्रवाई वीडियो फुटेज के आधार पर की है. घटना के बाद पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.


इधर बीच इस मामले में मृतक पुलिसकर्मी सुरेश वत्स के बेटे वीपी सिंह ने कहा है कि जब पुलिस अपनी खुद की रक्षा नहीं कर पा रही है तो हम उससे क्या उम्मीद रख सकते हैं. अब हम मुआवज़ा लेकर क्या करेंगे. बता दें, कि इससे पहले बुलंदशहर और प्रतापगढ़ में भी इसी तरह की घटनाएं हुईं थीं.

दरअसल, मामला नोनहरा थाना क्षेत्र के कठवामोड़ पुलिस चौकी के पास का है. मृतक कांस्टेबल का नाम सुरेश वत्स है और ये करीमुद्दीनपुर थाने में तैनात थे. वाकया उस वक्त का है जब आरक्षण की मांग को लेकर निषाद समाज के लोगों ने चक्काजाम कर रखा था. जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को काबू करने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए. इसी बीच प्रदर्शनकारियों की तरफ से लगातार हो रही पत्थरबाजी में कांस्टेबल सुरेश वत्स की मौत हो गई थी.

फिलहाल इस मामले में पुलिस के आला अधिकारी मीडिया से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, वत्‍स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में सुरक्षा व्‍यवस्‍था को लेकर ड्यूटी देने के बाद लौट रहे थे. इसी दौरान उन्‍हें प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए भेजा गया. वहीं सीएम योगी ने कांस्टेबल सुरेश वत्स की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मृतक सिपाही की पत्‍नी के लिए 40 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. वहीं पत्‍नी को पेंशन और माता-पिता के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान भी किया है. ....और पढ़ें>>>

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