राज्यसभा में ट्रिपल तलाक बिल पास होगा कि नहीं इसके लिए सबकी नज़र अन्नाद्रमुक, बीजू जनता दल और तेलंगाना राष्ट्र समिति पर टिकी है. दरअसल राज्यसभा के मौजूदा 244 सांसदों में बीजेपी के पास 73 सांसद हैं और ट्रिपल तलाक बिल पास कराने के लिए कम के कम 123 सांसदों की जरूरत होगी यानि 50 सांसद कम. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये कि बीजेपी इन 50 सांसदों की जुगाड़ कहा से करेगी?

आकड़ों पर नजर डाले तो बीजेपी के सहयोगियों मे जेडीयू के 6 सांसद, अकाली दल के 3 और शिवसेना के 3 सांसद हैं. 6 निर्दलीय सांसदों का समर्थन बीजेपी के साथ है. 4 नामांकित को मिलाकर ये 10 और सांसद उसके पक्ष में आ सकते हैं. कुछ छोटे दलों के सासंद भी बीजेपी के संपर्क में है. फिर भी ये संख्या 100 के पार नहीं जा रही है यानी 244 में से कुल 100 सांसदों का समर्थन इस बिल को मिल सकता है. यानि अभी बहुमत से करीब 23 कम.
ऐसे में सबकी नजर 13 सीटों वाले एआईडीएमके 9 सीटों वाल बीजेडी और 6 सीटों वालें टीआरएस पर टिकी है. साथ ही जरूरत पड़ने पर 4 सीटों वाले एनसीपी से भी बात की जा सकती है. ये चारों पार्टियां समय-समय पर सरकार की संकटमोचन बनी है. ऐसे में बीजेपी नेतृत्व इन चार दलों को उम्मीद की नज़रों से देख रहा है.

सूत्रों की माने तो एनसीपी को छोड़ बाकी तीनों पार्टियां ट्रिपल तलाक बिल पर राज्यसभा से वॉक आउट करने की बात पर तो तैयार है लेकिन ट्रिपल तलाक बिल के पक्ष में मतदान करने पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है.

ऐसे में सरकार एनसपी समेत कई और छोटे दलों से बात कर ही जो राज्यसभा से वॉकआट कर दें. लेकिन बिल राज्यसभा से तब पास होगा जब कम से कम 44 सदस्य वॉक आउट करें, ऐसे में एआईडीएमके के 13, बीजेडी के 9 ,टीआरएस के 6 और एनसीपी के 6 सांसद तैयार हो भी जाते हैं तो भी कम के कम 10 और सांसदों की जरूरत पड़ेगी.

ऐसे में सरकार टीडीपी के 6 सांसद, डीएमके के 4 सांसदों की ओर नजर लगाए हुए है क्योंकि कांग्रेस के 50 सांसद, टीएमसी के 13 सांसद , सपा के 13 सांसद, लेफ़्ट फ्रंट के 7, आरजेडी के 5 सांसद, बीएसपी के 4 सांसद, , आप के 3 सांसद, पीडीपी के 2 सांसद समेत 6 सांसद ऐसे हैं जो किसी हालत में ट्रिपल तलाक बिल के पक्ष में मतदान नहीं करेगें....और पढ़ें>>>

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