राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समर्थित मराठी अखबार 'तरुण भारत' में एक लेख के जरिए शिवसेना पर जमकर हमला बोला गया है. बुधवार को छपे लेख में पूछा गया है कि 'चौकीदार चोर है' के नारे से प्रधानमंत्री पर निशाना साधने वाली उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना गठबंधन की सरकार से हट क्यों नहीं जाती.

इस लेख में कहा गया है कि शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन का हिस्सा होने के बाद भी लगातार बीजेपी की आलोचना कर रही है. अखबार के संपादकीय में लिखा गया है कि 'चौकीदार चोर है' का नारा देकर ठाकरे खुद को और अपनी पार्टी के मंत्रियों को चोर कह रहे हैं. लेख में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर शिवसेना को लगता है कि चौकीदार चोर है तो वो तुरंत सरकार को छोड़ती क्यों नहीं है?
लेख में लिखा गया है कि शिवसेना ने सत्ता छोड़ने का इरादा नहीं किया है और न ही ऐसा करने की उसमें हिम्मत है. आज के शिवसेना और बालासाहेब ठाकरे के समय की शिवसेना में काफी अंतर है.

2019 लोकसभा चुनाव को लेकर डर गई है शिवसेना
लेख में दावा किया गया है कि जिस तरह कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने 'चोर' शब्द का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री का अपमान करते हुए अपनी अनुभवहीनता दिखाई, उसी तरह ठाकरे ने उस नारे का इस्तेमाल कर अपनी अनुभवहीनता को उजागर किया. संपादकीय में यह भी सवाल उठाया गया है कि शिवसेना ने अचानक राम मंदिर का मुद्दा क्यों उठाया?
लेख में दावा किया गया है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि शिवसेना 2019 के चुनाव को लेकर डर गई है. शिवसेना यह मानने को तैयार नहीं है कि छोटा भाई (भाजपा) अब बड़ा भाई (गठबंधन में) बन गया है. इसके साथ ही लेख में कहा गया है कि यह शिवसेना का भ्रम है कि वह राम मंदिर के मुद्दे को आगे बढ़ाकर सत्ता में आ सकती है.
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को एक रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नारे का इस्तेमाल कर इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला था. राफेल सौदे को लेकर राहुल गांधी प्रधानमंत्री को चौकीदार चोर है कहकर घेरा करते हैं. ठाकरे ने भी इसी नारे का इस्तेमाल किया था....और पढ़ें>>>

अगली खबर>>>                                 पिछली खबर>>>

>> रेलवे मे नौकरी पाने का सुनहरा मौका।