राफेल सौदे  पर शुक्रवार को लोकसभा  में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के बाद नई रार शुरू हो गई। रक्षामंत्री ने राफेल मुद्दे पर बिंदुवार जवाब देने के साथ विपक्ष पर गुमराह करने का आरोप भी लगाया। जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सांसदों ने सदन से वाकआउट किया। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री सवालों से भाग रही हैं। रक्षा मंत्री ने बताया चीन ने 2004 से 2014 के दौरान 400 विमान बेड़े में शामिल किए। वहीं, पाक ने विमानों की संख्या में दो गुना बढ़ोतरी की है। हमारे पास 42 स्क्वॉड्रन थे जो घटकर 33 रह गए। यूपीए सरकार 18 विमान फ्लाईवे स्थिति में खरीद रहे थे और शेष विमान 11 साल में बनते। जब तत्काल जरूरत है तो फिर इतना समय क्यों?

1- विपक्ष गुमराह कर रहा: इससे पहले रक्षामंत्री ने सदन में कांग्रेस के आरोपों को गुमराह करने वाला बताते हुए कहा कि सरकार में रहते हुए इनकी मंशा 10 वर्षों तक राफेल खरीदने एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की नहीं थी। यूपीए सरकार के समय जो सौदा हो रहा था, उसमें 108 विमान 11 साल में बनाए जाने थे। मगर सरकार 18 विमान भी नहीं ले पाई।


2- राफेल हमें वापस लाएगा:सीतारमण ने कहा, बोफोर्स एक घोटाला था जबकि राफेल रक्षा जरूरत से जुड़ा है। बोफोर्स ने उन्हें (कांग्रेस सरकार) गिराया जबकि राफेल मोदी सरकार को वापस लाएगा। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा कि राफेल पर रक्षामंत्री के बयान ने कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे झूठे आरोपों के अभियान को ढहा दिया।'.

3- ढाई घंटे तक बचाव: राफेल मामले में चर्चा का रक्षा मंत्री सीतारमण ने करीब ढाई घंटे तक जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी एवं अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों को असत्य एवं गुमराह करने वाला बताया। साथ ही कहा कि सरकार में रहते हुए कांग्रेस की मंशा 10 वर्षों में राफेल विमान खरीदने एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की नहीं थी। वर्तमान सरकार ने बेहतर शर्तों के आधार पर यूपीए के समय के उड़ान भरने की स्थिति वाले 18 विमानों की तुलना में 36 विमान खरीदने का सौदा 9 प्रतिशत कम कीमत पर किया।

4- सितंबर में आ जाएगा राफेल: सीतारमण ने कहा कि यूपीए सरकार के समय 10 वर्षों में एक भी राफेल विमान नहीं आया, जबकि वर्तमान सरकार के तहत सरकारों के बीच समझौते पर 23 सितंबर, 2016 को हस्ताक्षर किया गया और पहला विमान इस तिथि से तीन साल के भीतर यानी सितंबर 2019 में आ जाएगा और शेष विमान 2022 तक आ जाएंगे। सीतारमण ने जोर दिया कि शीर्ष अदालत ने कीमत, प्रक्रिया और ऑफसेट तीन विषयों पर विचार करने के बाद कहा कि इन आधारों पर इस अदालत के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
5- कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रक्षा मंत्री ने कहा- आपको एचएएल की चिंता है। आपको ज्यादा परेशानी हो रही है क्योंकि मिशेल (अगुस्ता घोटाले का बिचौलिया) यहां आ गया है। आपने अगुस्ता वेस्टलैंड का ठेका एचएएल को क्यों नहीं दिया? इसलिए नहीं दिया क्योंकि एचएएल आपको कुछ नहीं देता।

राहुल के सवाल

>> 526 करोड़ का विमान 1600 करोड़ में क्यों खरीदा.
>> महज 36 विमानों के लिए सौदा क्यों तय किया गया.
>>क्या फाइल में नए सौदे पर आपत्तियां उठाई गई थी?
>> एचएएल के बजाय दूसरी कंपनी को सौदे में भागीदारी कैसे मिल गई.

रक्षा मंत्री के जवाब

>> सरकार बेहतर शर्तों के साथ नौ फीसदी सस्ते विमान खरीद रही है.
>> यूपीए सरकार में सिर्फ 18 विमान उड़ने की हालत में मिलते, हम 36 ला रहे.
>> सितंबर 2016 में सौदा हुआ और 2019 में पहला विमान आ जाएगा.



Gullimaar