• बातचीत के साथ सुलझेगा बाबरी मस्जिद का विवाद। 
  • मध्यस्थता से हल होगा अयोध्या विवाद 
  • जस्टिस खलीफुल्ला की अध्यक्षता में होगी बातचीत


अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा की इस मामले को मध्यस्थता और बातचीत से हल किया जाएगा। जस्टिस खलीफुल्ला की अध्यक्षता में होगी बातचीत मध्यस्थों में श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्री राम पंचू शामिल होंगे। जिन्हे अपनी रिपोर्ट 8 हफ्तों में सौपनी होगी इससे साफ़ ज़ाहिर होता है अप्रैल मई में होने बाले लोक सभा चुनाव से पहले फैसला आने की कोई उम्मीद नहीं है।  सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा की मध्यस्थता में होने बाली बातचीत को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा मीडिया को इसकी कोई भी जानकारी नहीं दी जायेगी। कोर्ट ने कहा है की इस मामले में किया प्रगति रही इसकी रिपोर्ट चार हफ्तों में दी जाए।  मध्यस्थता के लिए बातचीत फैज़ाबाद में की जाएगी।



 बुधवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को सुरक्षित रख लिया था की इस मामले को मध्यस्थ के पास भेजा जाना है की नहीं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने बुधवार को हुई सुनवाई में इस मुद्दे पर विभन्न पक्षों को सुना था। पीठ ने जिसपे कहा था की इस फैसले को मध्यस्थता को सौपना है की नहीं इस पर आगे फैसला किया जाएगा। जिसपे मुस्लिम संघठनो ने अपना समर्थन किया था जबकि निर्मोही अखाड़ा के अलावा अन्य हिन्दू संगठनों ने इस विवाद को मध्यस्थता के लिए भेजने के शीर्ष अदालत के सुझाव का विरोध किया था।  सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद 2.77 एकड़ जमीन को  3 पक्षकारो  निर्मोही अखाड़, रामलला और सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच बराबर-बराबर बांटने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपील पर सुनवाई के दौरान मध्यस्थता के माध्यम से विवाद सुलझाने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया था।

Gullimaar